ब्रेकिंग
आयुष्मान कार्ड त्रुटियां बीडीएम पोर्टल से होंगी ठीक : सीएमओं प्रतापगढ़ में 24 अक्टूबर तक निषेधाज्ञा लागू कैदियों को बँधी जेल में राखी! दिखा भावनाओं का संगम वाह रे स्वास्थ्य विभाग एसडीएम की बेटी का लगा दिया एक्सपायरी इंजेक्शन सावन मेला 2026 समापन पर बाबा भयहरणनाथ धाम में मनाया गया बकुलाही नदी पुनरोद्धार दिवस। युधिष्ठिर खोज में यक्ष भी होंगे पुरस्कृत! घोषित होगा यक्ष प्रश्न? क्या मुस्लिम! क्या हिन्दू! सभी बहनों नें भाजपा नेता डॉ आशुतोष त्रिपाठी को राखी बाँधी   साहित्य की सुरमयी शाम में याद किये गये स्व.पं.रामयज्ञ पाण्डेय। 29 को 29 जगहों पर क्रीड़ा भारती द्वारा खेल प्रतियोगिता का आयोजन नेपाल बाढ़ को प्रकृति का प्रकोप भविष्य के चिंता जनक : दलाई लामा
उत्तरप्रदेशप्रतापगढ़

शिव महापुराण कथा के चौथे दिन कथा व्यास जी ने देवी पार्वती के जन्म का प्रसंग सुनाया

शिव महापुराण कथा के चौथे दिन कथा व्यास जी ने देवी पार्वती के जन्म का प्रसंग सुनाया। देवी पार्वती भगवान शिव की पत्नी हैं और उनका जन्म राजा हिमालय के घर हुआ था।…

प्रतापगढ़। अष्टभुजा नगर में अमरपाल चतुर्वेदी के यहाँ आयोजित शिव महापुराण कथा में कथा व्यास बृजराज शास्त्री महाराज ने कहा कि देवी पार्वती के जन्म की कथा हिन्दू पौराणिक कथाओं का महत्वपूर्ण भाग है। देवी पार्वती भगवान शिव की पत्नी हैं और उन्हें शक्ति का अवतार माना जाता है। उनका जन्म राजा हिमालय के घर हुआ था, उनकी माता का नाम मैना था। बताया कि दक्ष प्रजापति की पुत्री सती ने भगवान शिव से विवाह किया था, लेकिन दक्ष प्रजापति ने शिव को अपने यज्ञ में आमंत्रित नहीं किया, इससे सती ने अपने पिता के यज्ञ में आत्मदाह कर लिया था।
सती के आत्मदाह के बाद भगवान शिव ने उन्हें पुनर्जन्म लेने का आशीर्वाद दिया। सती ने राजा हिमालय के घर देवी पार्वती के रूप में पुनर्जन्म लिया। देवी पार्वती ने भगवान शिव को अपने पति के रूप में पाने के लिए कठोर तपस्या की। बताया कि वह भगवान शिव की पत्नी होने के साथ-साथ एक शक्तिशाली देवी भी हैं। इस अष्टभुजा नगर व आसपास के भारी संख्या में क्षेत्रवाशी व श्रद्धालुओं ने कथा श्रवण किया।

यह भी पढ़ें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button